आप सभी को सबसे पहले शिवरात्रि की हार्दिक शुभकमाये। आज का आर्टिकल हमारे भोले बाबा को समर्पित है।
भोले बाबा-- काशी नगरी की शिवरात्रि बहुत खास हो जाती है क्योंकि ये शिव जी की नगरी है पूरा देश शिवरात्रि को मनाता है पर काशी के निवासी अपनी भक्ति कुछ अलग तरह से मानते है। वो भी शिव की भक्ति मै पूरी तरह रम के.......
पंचकोश यात्रा ---- ये हमारे काशी की अनोखी परम्परा है जो हमारे शिव के भक्त जन भोले बाबा को समर्पित करते है
पंचकोश की यात्रा 25 किमी की यात्रा होती पूरी काशी की पैदल यात्रा बिना चप्पल के की जाती है जी हा सही सुना आप ने पैरो मे कुछ नही होता है
यात्रा की शुरुवात -- हमारे काशी के मनकनका घाट से रात 12 बजे से एक संकल्प के साथ शुरूवात होती है जो पुरे बनारस का एक गोल चक्कर को पूरा करते है वो भी बिना पैरो मै कुछ पहने ये पूरा चक्कर 25 किमी से थोड़ा ज्यादा ही होता है। पर जोश भोले के भक्तो मै बहुत ज्यादा होता है। आप का कभी काशी मै शिवरात्रि के पर्व पर वहाँ हो तो आप पंचकोश को देख हैरान हो जायेगे। यह एक कठिन यात्रा है जो सबसे अधिक युवा ही करते है क्या जोश होता मै शब्दो मे बयान नही कर सकता हूँ।
यात्रा का समापन -- पंचकोश यात्रा का समापन 25 किमी की यात्रा कपिलधारा मंदिर जो शिव जी का ही मन्दिर है वहाँ खत्म होती है। उस यात्रा को पूरी करने के बाद जो संकल्प मनकनका घाट पर लिया था उस को छुड़ाने के लिये पुनः वहाँ जा के उस यात्रा की ली हुई संकल्प यात्रा को समाप्त करते है।
भक्ति की शक्ति-- ये सभी यात्री पंचकोशी कहलाते है जो ये थका देने और बहुत ही पीड़ादायक यात्रा को भोले बाबा की भक्ति मै हँसते - हँसते सामाप्त करते है।
पर इस यात्रा को थोड़ा सरल बनाने के लिये काशी के आम लोग पंचकोशी भक्तो के लिये पीने का पानी, फल , दवा सभी के स्टोल हर कुछ दुरी पर लगा के थोड़ा सहयोग जरूर करते है।
हमारे भोले बाबा -- मै भी भोले बाबा का बहुत बड़ा भक्त हूँ बाबा जी का त्याग मुझे बहुत प्रेरित करता है। .
भोले बाबा हम सभी के जीवन को बचाने के लिए विष का पान किया और सदैव त्याग करते रहे यही उन को महा देव बनाता है
भोले बाबा का त्याग और वैराग उन की भक्ति करने और उन का भक्त बने रहने के लिये हमेशा प्रेरित करता है और सभी भोले बाबा के भक्तो को भी उन की सदैव भक्ति को प्रेरिक करता रहेगा।
ये मेरी तरफ से भोले बाबा जी की सेल्फी
जय बम बोले जय बम भोले
पंचकोश करते हुई भक्त्तो की नीचे दी हुई वीडियो जरूर देखियेगा उनकी भोले नाथ के प्रति आस्था को कैसे "पंचकोसी " प्रकट कर रहे है। पंचकोशियों की कष्ट को लेते हुए पूरी शिव भक्ति मै लीन होकर कैसे पंचकोश यात्रा पूरी कर रहे है।

